बैंकिंग Ombudsman से Complaint कैसे करें? पूरी Step-by-Step Guide 2026

बैंकिंग Ombudsman (RBI Integrated Ombudsman Scheme) के तहत ऑनलाइन शिकायत कैसे करें? पात्रता, दस्तावेज़, स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, Complaint Status और

बैंकिंग Ombudsman से Complaint कैसे करें? पूरी Step-by-Step Guide 2026

बैंकिंग Ombudsman से Complaint कैसे करें – RBI Integrated Ombudsman Scheme Step by Step Guide

RBI Integrated Ombudsman Scheme के तहत बैंकिंग शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया।


Updated: July 2026 | Admin: RjCyber.in


परिचय

अगर बैंक आपकी शिकायत का समाधान नहीं कर रहा, अनावश्यक चार्ज लगा रहा है, ATM से पैसा कट गया लेकिन वापस नहीं आया, ऑनलाइन ट्रांज़ैक्शन फेल हो गया, क्रेडिट कार्ड से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं मिला या बैंक की सेवा से आप संतुष्ट नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में आप RBI Integrated Ombudsman Scheme के तहत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बहुत से लोग आज भी इसे Banking Ombudsman Complaint के नाम से जानते हैं। हालांकि, अब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अलग-अलग Ombudsman योजनाओं को एकीकृत करके Integrated Ombudsman Scheme लागू कर दी है। इसलिए अब बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और कई अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़ी शिकायतें एक ही व्यवस्था के माध्यम से दर्ज की जा सकती हैं।

इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि RBI Complaint कब करनी चाहिए, कौन शिकायत कर सकता है, किन मामलों में शिकायत स्वीकार होती है, कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं और पूरी प्रक्रिया क्या है।बैंकिंग Ombudsman क्या है?

RBI Integrated Ombudsman Scheme क्या है?

RBI Integrated Ombudsman Scheme (RB-IOS) भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा शुरू की गई एक शिकायत निवारण व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों के बीच होने वाले विवादों का निष्पक्ष और तेज़ समाधान करना है।

इस योजना के अंतर्गत यदि कोई बैंक, भुगतान प्रणाली या RBI के अधीन आने वाला वित्तीय संस्थान आपकी शिकायत का समय पर समाधान नहीं करता, तो आप RBI के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

इस प्रक्रिया की सबसे अच्छी बात यह है कि—

  • शिकायत दर्ज करना पूरी तरह निःशुल्क है।
  • अधिकांश मामलों में ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
  • शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है।
  • किसी वकील की आवश्यकता नहीं होती।
  • पूरी प्रक्रिया आम नागरिक के लिए सरल बनाई गई है।

 यदि आपके कार्ड या नेट बैंकिंग से फ्रॉड हुआ है, तो आप सीधे बैंकिंग Ombudsman के साथ-साथ Cyber Crime Complaint Online कैसे दर्ज करें भी जान सकते हैं।

क्या Banking Ombudsman और RBI Integrated Ombudsman Scheme अलग हैं?

यह सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जाता है।

उत्तर है—नहीं।

पहले RBI अलग-अलग Ombudsman योजनाएँ संचालित करता था, जैसे—

  • Banking Ombudsman
  • NBFC Ombudsman
  • Digital Transactions Ombudsman

अब इन सभी को मिलाकर Integrated Ombudsman Scheme लागू कर दी गई है।

यानी आज यदि कोई व्यक्ति "Banking Ombudsman Complaint" कहता है, तो उसका आशय वर्तमान RBI Integrated Ombudsman Scheme से ही होता है।

किन संस्थानों के खिलाफ शिकायत की जा सकती है?

यदि निम्न संस्थानों से संबंधित समस्या है और पहले शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं मिला है, तो RBI के पास शिकायत की जा सकती है।

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
  • निजी बैंक
  • स्मॉल फाइनेंस बैंक
  • पेमेंट बैंक
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
  • RBI के अधीन आने वाले कुछ NBFC
  • RBI द्वारा अधिकृत भुगतान प्रणाली संचालक (जहाँ लागू हो)

किन परिस्थितियों में RBI Complaint करनी चाहिए?

यदि बैंक आपकी शिकायत को अनदेखा कर रहा है या समय पर समाधान नहीं दे रहा है, तो आप RBI Complaint दर्ज कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए—

1. ATM से पैसा कट गया लेकिन नकद नहीं मिला

खाते से राशि डेबिट हो गई लेकिन ATM से पैसे नहीं निकले।

2. Online Transaction Failed

UPI, Internet Banking या Mobile Banking के दौरान राशि कट गई लेकिन भुगतान सफल नहीं हुआ।

3. Debit Card या Credit Card से जुड़ी समस्या

  • अनधिकृत ट्रांज़ैक्शन
  • गलत चार्ज
  • कार्ड ब्लॉक न करना
  • विवाद का समाधान न होना

4. Loan संबंधी शिकायत

  • लोन प्रोसेसिंग में देरी
  • गलत ब्याज की गणना
  • NOC जारी न करना
  • सिक्योरिटी दस्तावेज़ वापस न करना

5. बैंक द्वारा गलत शुल्क वसूली

यदि बैंक बिना उचित कारण शुल्क काट रहा है या RBI के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा।

6. Customer Service खराब होना

  • बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान न मिलना
  • गलत जानकारी देना
  • ग्राहक से अनुचित व्यवहार

RBI Complaint करने से पहले यह करना ज़रूरी है

यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है।

आप सीधे RBI के पास शिकायत नहीं कर सकते।

सबसे पहले संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज करनी होगी।

यदि—

  • बैंक ने 30 दिनों के भीतर जवाब नहीं दिया,
  • या दिया गया समाधान संतोषजनक नहीं है,

तभी RBI Complaint दर्ज की जा सकती है।

इसलिए बैंक में की गई शिकायत का Reference Number, Email या Complaint Receipt सुरक्षित रखें।

शिकायत करने से पहले ये दस्तावेज़ तैयार रखें

RBI Complaint दर्ज करते समय निम्न जानकारी उपयोगी होती है—

  • बैंक में की गई शिकायत की कॉपी
  • Complaint Reference Number
  • बैंक का उत्तर (यदि मिला हो)
  • बैंक खाता विवरण
  • Transaction ID
  • ATM Slip (यदि लागू हो)
  • SMS या Email का रिकॉर्ड
  • स्क्रीनशॉट (यदि ऑनलाइन समस्या है)
  • पहचान पत्र (जहाँ आवश्यक हो)

इन दस्तावेज़ों से शिकायत की जाँच तेज़ और आसान हो जाती है।

बैंकिंग Ombudsman से Complaint कैसे करें? (Step-by-Step Process)

अब तक आपने जाना कि RBI Integrated Ombudsman Scheme क्या है और किन मामलों में शिकायत की जा सकती है। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल आता है—शिकायत दर्ज कैसे करें?

आज के समय में शिकायत दर्ज करने का सबसे आसान तरीका RBI Complaint Management System (CMS) है। यह पूरी तरह ऑनलाइन है और देश के किसी भी हिस्से से उपयोग किया जा सकता है।

Step 1: पहले बैंक में शिकायत दर्ज करें

RBI के पास जाने से पहले आपको संबंधित बैंक को शिकायत करने का अवसर देना आवश्यक है।

आप शिकायत निम्न माध्यमों से दर्ज कर सकते हैं—

  • बैंक शाखा में लिखित आवेदन देकर
  • बैंक के Customer Care पर
  • बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से
  • मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से
  • ईमेल द्वारा

महत्वपूर्ण: शिकायत दर्ज करने के बाद मिलने वाला Complaint Reference Number या ईमेल सुरक्षित रखें।

RJCyber Tip: यदि संभव हो तो ईमेल या बैंक के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का उपयोग करें, क्योंकि इससे आपके पास डिजिटल रिकॉर्ड रहता है।

Step 2: 30 दिनों तक बैंक के उत्तर का इंतजार करें

RBI के नियमों के अनुसार बैंक को शिकायत का समाधान करने का उचित समय दिया जाता है।

यदि—

  • 30 दिनों तक कोई जवाब नहीं मिलता,
  • या बैंक का जवाब संतोषजनक नहीं है,
  • या शिकायत बिना उचित कारण बंद कर दी गई,

तो आप RBI के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं। RBI की वेबसाइट पर जाएँ: RBI Banking Ombudsman

Step 3: RBI CMS Portal पर जाएँ

अब RBI के Complaint Management System (CMS) पर जाकर शिकायत दर्ज करें।

यहाँ आपको ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का विकल्प मिलेगा।

ऑनलाइन शिकायत करते समय निम्न जानकारी भरनी होती है—

  • आपका नाम
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल
  • पूरा पता
  • बैंक का नाम
  • शाखा का नाम (यदि लागू हो)
  • शिकायत का प्रकार
  • शिकायत का पूरा विवरण

Step 4: सही Category चुनें

गलत श्रेणी चुनने से शिकायत के निस्तारण में देरी हो सकती है।

उदाहरण के लिए—

समस्यासही श्रेणी
ATM से पैसा नहीं निकला            ATM Transaction
UPI Payment FailedDigital Payment
Credit Card IssueCredit Card
Loan ComplaintLoan
Internet BankingDigital Banking
Unauthorized TransactionFraud/Unauthorized Transaction

शिकायत की श्रेणी हमेशा समस्या के अनुसार ही चुनें।

Step 5: शिकायत का पूरा विवरण लिखें

यह सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है।

शिकायत लिखते समय—

  • क्या हुआ?
  • कब हुआ?
  • किस बैंक में हुआ?
  • आपने बैंक को कब शिकायत की?
  • बैंक ने क्या जवाब दिया?
  • आप क्या समाधान चाहते हैं?

इन सभी बातों का स्पष्ट उल्लेख करें।

अच्छा उदाहरण

"15 जुलाई 2026 को ATM से ₹10,000 निकालने का प्रयास किया। राशि खाते से कट गई लेकिन नकद प्राप्त नहीं हुआ। उसी दिन बैंक में शिकायत दर्ज की। 30 दिन बीत जाने के बाद भी राशि वापस नहीं मिली। कृपया राशि वापस दिलाने का अनुरोध है।"

ऐसी स्पष्ट शिकायत से जांच करना आसान हो जाता है।

Step 6: आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें

यदि दस्तावेज़ उपलब्ध हैं तो उन्हें अवश्य अपलोड करें।

उदाहरण—

  • बैंक शिकायत की कॉपी
  • बैंक का उत्तर
  • Transaction Receipt
  • ATM Slip
  • SMS Screenshot
  • Email Screenshot
  • Account Statement (जहाँ आवश्यक हो)

ध्यान रखें—

  • धुंधले दस्तावेज़ अपलोड न करें।
  • केवल संबंधित दस्तावेज़ ही संलग्न करें।
  • फाइल का आकार पोर्टल की सीमा के अनुसार रखें।

Step 7: शिकायत Submit करें

सारी जानकारी जांचने के बाद शिकायत सबमिट करें।

सफलतापूर्वक जमा होने के बाद आपको—

  • Complaint Number
  • Acknowledgement

प्राप्त होगा। इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

Step 8: Complaint Status Track करें

Complaint Number की सहायता से आप अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।

आप देख सकते हैं—

  • शिकायत प्राप्त हुई या नहीं
  • जांच किस चरण में है
  • अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है या नहीं
  • शिकायत का अंतिम निर्णय

यदि RBI अतिरिक्त दस्तावेज़ मांगता है तो समय पर उपलब्ध कराएँ।

यदि आपके कार्ड या नेट बैंकिंग से फ्रॉड हुआ है, तो आप सीधे बैंकिंग Ombudsman के साथ-साथ Cyber Crime Complaint Online कैसे दर्ज करें भी जान सकते हैं।

शिकायत के दौरान होने वाली आम गलतियाँ

कई शिकायतें केवल छोटी-छोटी गलतियों के कारण लंबित हो जाती हैं।

इनसे बचें—

  • बैंक में शिकायत किए बिना सीधे RBI पहुँचना
  • गलत जानकारी देना
  • बिना प्रमाण के शिकायत करना
  • एक ही शिकायत कई बार दर्ज करना
  • गलत बैंक चुन लेना
  • शिकायत का विषय स्पष्ट न लिखना
  • बैंक के उत्तर की कॉपी संलग्न न करना

शिकायत का समाधान कितने समय में होता है?

हर मामला अलग होता है।

यदि सभी दस्तावेज़ सही हैं तो सामान्यतः शिकायत का निस्तारण कुछ सप्ताह के भीतर शुरू हो जाता है। जटिल मामलों में अधिक समय भी लग सकता है।

  • समय इस बात पर भी निर्भर करता है—
  • मामला कितना जटिल है
  • कितने दस्तावेज़ों की आवश्यकता है
  • बैंक कितनी जल्दी जवाब देता है
  • अतिरिक्त जांच की आवश्यकता है या नहीं

किन मामलों में शिकायत स्वीकार नहीं की जाती?

हर शिकायत RBI के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

उदाहरण—

  • पहले बैंक में शिकायत नहीं की गई हो
  • वही मामला किसी अदालत में विचाराधीन हो
  • शिकायत बहुत पुराने मामले से संबंधित हो और नियमानुसार स्वीकार न हो सके
  • पर्याप्त जानकारी या दस्तावेज़ उपलब्ध न हों
  • शिकायत RBI के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो

शिकायत करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें

  • हमेशा तथ्यात्मक जानकारी दें।
  • किसी भी दस्तावेज़ में बदलाव या छेड़छाड़ न करें।
  • शिकायत में भावनात्मक भाषा के बजाय स्पष्ट तथ्य लिखें।
  • सभी ईमेल, SMS और बैंक से प्राप्त जवाब सुरक्षित रखें।
  • Complaint Number को संभालकर रखें।

RJCyber Expert Advice

यदि आपकी शिकायत ऑनलाइन फ्रॉड, UPI Fraud, Debit/Credit Card Fraud या Unauthorized Transaction से जुड़ी है, तो केवल RBI शिकायत करना ही पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में संबंधित बैंक को तुरंत सूचित करें, आवश्यक होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें और सभी ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। इससे जांच और धन वापसी (यदि लागू हो) की संभावना बेहतर हो सकती है।

बैंकिंग Ombudsman (RBI Integrated Ombudsman Scheme से शिकायत करने के प्रमुख फायदे

यदि आपकी बैंकिंग शिकायत का समाधान बैंक स्तर पर नहीं हो रहा है, तो RBI की शिकायत प्रणाली आपके लिए एक प्रभावी विकल्प हो सकती है। इसके कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—

1. शिकायत दर्ज करना पूरी तरह निःशुल्क है

RBI के Complaint Management System (CMS) के माध्यम से शिकायत दर्ज करने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। आपको किसी एजेंट या बिचौलिए की आवश्यकता भी नहीं होती।

2. घर बैठे ऑनलाइन शिकायत की सुविधा

अब बैंक शाखा के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। इंटरनेट की सहायता से आप घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी स्थिति भी ऑनलाइन देख सकते हैं।

3. निष्पक्ष शिकायत निवारण

यदि बैंक आपकी शिकायत का उचित समाधान नहीं करता, तो RBI के अंतर्गत शिकायत की समीक्षा निष्पक्ष तरीके से की जाती है।

4. शिकायत की ऑनलाइन ट्रैकिंग

Complaint Number की सहायता से आप किसी भी समय अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति देख सकते हैं।

5. ग्राहक अधिकारों की सुरक्षा

यह व्यवस्था ग्राहकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करती है।

बैंकिंग शिकायत करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

शिकायत दर्ज करने से पहले निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें—

  • पहले बैंक में शिकायत अवश्य दर्ज करें।
  • Complaint Reference Number सुरक्षित रखें।
  • सभी दस्तावेज़ स्पष्ट और पढ़ने योग्य हों।
  • शिकायत में केवल सत्य और प्रमाणित जानकारी लिखें।
  • एक ही विषय पर बार-बार नई शिकायत दर्ज न करें।
  • बैंक से प्राप्त प्रत्येक ईमेल और SMS सुरक्षित रखें।

कब RBI में शिकायत करने के बजाय सीधे Cyber Crime Report करनी चाहिए?

यदि आपकी समस्या निम्न प्रकार की है—

  • UPI Fraud
  • Fake Banking Call
  • OTP Scam
  • Credit Card Fraud
  • Debit Card Cloning
  • Phishing Attack
  • Banking Malware
  • QR Code Scam

तो बैंक को तुरंत सूचित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करना उचित रहता है।

सामान्य गलतफहमियाँ (Myths vs Facts)

MythFact
RBI हर शिकायत पर तुरंत पैसा वापस दिला देता है।हर मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाती है।
बिना बैंक में शिकायत किए सीधे RBI में शिकायत की जा सकती है।सामान्यतः पहले संबंधित बैंक को शिकायत करना आवश्यक होता है।
शिकायत दर्ज करने के लिए वकील रखना जरूरी है।अधिकांश मामलों में इसकी आवश्यकता नहीं होती।
शिकायत दर्ज करने पर शुल्क देना पड़ता है।RBI की शिकायत प्रक्रिया निःशुल्क है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

1. क्या Banking Ombudsman और RBI Integrated Ombudsman Scheme एक ही हैं?

हाँ। पहले अलग-अलग Ombudsman योजनाएँ थीं, लेकिन अब RBI ने उन्हें Integrated Ombudsman Scheme के अंतर्गत एकीकृत कर दिया है।


2. क्या शिकायत करने के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?

नहीं। RBI Complaint Management System के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पूरी तरह निःशुल्क है।


3. क्या मैं मोबाइल से भी शिकायत कर सकता हूँ?

हाँ। आप मोबाइल ब्राउज़र के माध्यम से RBI CMS Portal का उपयोग करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।


4. बैंक में शिकायत करने के कितने दिन बाद RBI के पास जा सकते हैं?

यदि बैंक निर्धारित समय के भीतर शिकायत का समाधान नहीं करता या समाधान संतोषजनक नहीं है, तो आप RBI के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।


5. शिकायत दर्ज करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं?

बैंक शिकायत की कॉपी, Transaction ID, बैंक का उत्तर (यदि उपलब्ध हो), खाते का विवरण तथा अन्य संबंधित दस्तावेज़।


6. क्या सभी बैंकों के खिलाफ शिकायत की जा सकती है?

केवल RBI के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बैंक और संबंधित विनियमित संस्थानों के मामलों में ही शिकायत दर्ज की जा सकती है।


7. शिकायत की स्थिति कैसे देखें?

Complaint Number की सहायता से RBI Complaint Management System पर जाकर स्टेटस देखा जा सकता है।


8. यदि बैंक ने पैसा वापस नहीं किया तो क्या करें?

पहले बैंक की शिकायत प्रक्रिया पूरी करें। यदि समाधान नहीं मिलता, तो RBI के पास शिकायत दर्ज करें। यदि मामला साइबर फ्रॉड का है, तो साइबर अपराध पोर्टल पर भी रिपोर्ट करें।


9. क्या एक ही शिकायत दोबारा दर्ज की जा सकती है?

एक ही विषय पर बार-बार नई शिकायत दर्ज करने से बचें। यदि अतिरिक्त जानकारी हो, तो उसी शिकायत के संदर्भ में उपलब्ध कराएँ।


10. क्या RBI हर शिकायत में ग्राहक के पक्ष में फैसला देता है?

नहीं। निर्णय उपलब्ध तथ्यों, दस्तावेज़ों और लागू नियमों के आधार पर लिया जाता है।


निष्कर्ष

यदि आपकी बैंकिंग शिकायत का समाधान संबंधित बैंक द्वारा समय पर नहीं किया जा रहा है, तो RBI की शिकायत प्रणाली आपके लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकती है। हालांकि, शिकायत दर्ज करने से पहले बैंक की आंतरिक शिकायत प्रक्रिया पूरी करना और सभी आवश्यक दस्तावेज़ सुरक्षित रखना बेहद आवश्यक है।

सही जानकारी, स्पष्ट दस्तावेज़ और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने से शिकायत के निस्तारण की संभावना बेहतर होती है। साथ ही, यदि मामला ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी या साइबर अपराध से जुड़ा है, तो केवल बैंक या RBI तक सीमित न रहें, बल्कि संबंधित साइबर अपराध रिपोर्टिंग माध्यमों का भी उपयोग करें।


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